Headlines
Loading...
मिसाइल वुमन कौन हैं?

मिसाइल वुमन कौन हैं?

आप लोगो ने सपनो को साकार करना मुहावरा तो सुना ही होगा जिसके सटीक उदाहरण की बात आज हम करेंगे। अपने लक्ष्य को समय दर समय आने वाली कठिनाइयों के बाद भी हासिल करना समाज के लिए तो उपलब्धि है ही लेकिन खुद के मनोबल को भी ओर बढ़ावा देता हैं। मिडिल क्लास परिवार से एक महिला का इतनी ऊचाइयों का हासील करना अपने आप मे बहोत ही बड़ी बात हैं। आपने ‘मिसाइल मैन’ श्री कलाम साहब के बारे में तो सुना ही हैं उनसे प्रेरणा लेकर आज देश को आसमान की ऊँचाईयों तक पहूंचाने वाली ‘मिसाइल वुमनटेसी थॉमस के बारे में नही सुना होगा। आज बात करते है इस शानदार शक़सीयत की, जुड़े रहिये हमारे साथ।


मिसाइल वुमन ऑफ इंडिया किसे कहते हैं?


मिसाइल वुमन ऑफ इंडिया "टेसी थॉमस" को कहा जाता हैं। बता दें कि Tessy Thomas भारत में मिसाइल परियोजना का नेतृत्व करने वाली पहली महिला वैज्ञानिक हैं। टेसी थॉमस वर्तमान में भारतीय वैज्ञानिक और वैमानिकी प्रणालियों (Aeronautical Systems) की महानिदेशक और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन में Agni-IV मिसाइल की पूर्व परियोजना निदेशक हैं। 

Who is missile woman of india?

टेसी थॉमस का जन्म कब और कहाँ हुआ?


टेसी थॉमस ने इस दुनिया में पहला कदम अप्रैल 1963 में हुआ। इनका जन्म केरल के अलाप्पुझा (Alappuzha) जिसे 'Venice of the East'  कहाँ जाता हैं में हुआ था। इनका नाम मदर टेरेसा के नाम पर रखा गया था क्यूंकि टेसी सीरियाई ईसाई परिवार से हैं इनके पिता एक IFS अधिकारी थे, जब टेसी 13 वर्ष के थीं तब उनके पिता का दाहिना भाग लकवाग्रस्त (Paralysis) हो गया उनकी माँ पेशे से एक शिक्षिका थी, विकट परिस्थितियों में परिवार की देखभाल करने के लिए वे गृहिणी बनी रही। क्योंकि परिवार के मुखिया का लकवाग्रस्त हो जाना परिवार की मानसिकता ओर आर्थिक स्थिति पर बहोत बुरा प्रभाव था। टेसी का बचपन थुम्बा रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन के पास पला-बढ़ी और यही से  रॉकेट और मिसाइलों के प्रति उनका आकर्षण बढ़ा था।


टेसी थॉमस के जीवन की अनमोल उपलब्धियां


टेसी थॉमस सन 1988 में DRDO में शामिल हुईं थी जहां उन्होंने नई पीढ़ी की Ballistic missile,  के डिजाइन और विकास पर काम किया। उन्हें Dr. APJ Abdul Kalam ने Agni Project के लिए नियुक्त किया था। टेसी 3,000 किमी रेंज की Agni-III मिसाइल परियोजना की सहयोगी परियोजना निदेशक थी। अपनी उत्कृष्टता से मिशन Agni IV की परियोजना निदेशक बनी थीं, जिसका उन्होंने 2011 में सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। यहाँ उनके लिए रुकने का समय नही था साल दर साल टेसी ने अपनी लगन, मेहनत और काम से देश को आगे बढ़ाया। टेसी को 2009 में 5,000 किमी रेंज Agni-V के परियोजना निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसका 19 April 2012 को सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया । 2018 में, उन्हें DRDO की (Aeronautical System) वैमानिकी प्रणाली की महानिदेशक बनाया गया।

टेसी, इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (INAE), इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स-इंडिया (IEI) और टाटा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (TAS) जैसे विश्वविधालयो में fellow हैं। टेसी को मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया था। 2012 में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, 2012 में सीएनएन-आईबीएन इंडियन ऑफ द ईयर, 2016 में सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया पुरस्कार और विज्ञान और इंजीनियरिंग में महिलाओं द्वारा उत्कृष्ट महिला अचीवर पुरस्कार (WISE)। टेसी को  2018 में फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज - इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट, जयपुर (FMS-IRM) में डॉ थॉमस कैनगन लीडरशिप अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।


Conclusion:-


आशा करता हूँ कि मिसाइल वुमन ऑफ इंडिया - टेसी थॉमस की कहानी से आप लोगो को काफी प्रेरणा मिली होगी। एक व्यक्ति का अपने जीवन मे अलग अलग रोल ज़िम्मेदारी के साथ निभा कर चलना बच्चों का खेल नही हैं। अपना जीवन देश के लिए समर्पित करने पर इन्हें शत शत नमन। ओर आपसे निवेदन है कि अगर यह पोस्ट अच्छी या बुरी कैसी भी लगी हो लेकिन कमेंट सेक्शन में अपनी सलाह ज़रूर शेयर करे।

0 Comments: